बोर्ड ने अपने कायक्रमों के क्रियान्वयन के उद्देश्य से विभिन्न ग्रामोद्योगों, को निम्न सात समूहों में व्गीकृत किया है-
1. कुटीर कुम्हारी उ्योग, 2, चूना पत्थर, चूना और अन्य चूना उत्पाद उद्योग, 3. मंदिरों और भवनों के लिये पत्थर की कटाई, पिसाई, नक्काशी, तथा खुदाई, 4, पत्थर से बनी हुई उपयोगी वस्तुये, 5 स्लेठ और स्लेट पेसिल का निर्माण, 6. प्लास्टर ऑफ पेरिस का निर्माण 7. बर्तन धोने का पावडर, 8. जलावन के ब्रिकेट, 9. सोने, चांदी पत्थर सी.पी. और कृत्रिम सामग्रियों से आभूषण का निर्माण 10. गुलाल रंगोली का निर्माण, 11. चूह़ी निर्माण, 12, पेंट यार्निश और हिस्टेंपर का निर्माण, 13 कांच के खिलौनों का निर्माण, 14. सजावटी शीशों की कटाई, हिजाहनिंग पॉलिशिंग, 15. रत्न कटाई।
16. हाथ कागज, 17. कत्था निर्माण, 18, गोंद और रेजिन निर्माण, 19. लाख निर्माण, 20. कुटीर दियासलाई उद्योग, पटाखे और अगरबत्ती निर्माण, 21 बांस और बेत कार्य, 22. कागज के प्याले तश्तरी, होले और डिब्यों का निर्माण, 23. कॉपियों का निर्माण , जिल्दसाजी, लिफाफा निर्माण, रजिस्टर और कागज से बनाई जाने वाली लेखन सामगियां, 24. खस पट्टी और झाडू निर्माण, 25. वनोत्पादों का संग्रह प्रशोधन और पैकिंग, 26. फोटो जड़़ना, 27. जूट उत्पादों का निर्माण (रेशा उद्योग के अन्तर्गत)।
28. अनाज, दाल, मसाला चटपटे मसाले आदि का प्रशोधन, पैकिंग और विपणन, 29, नूडल निर्माण, 30. विद्युत चलित आटा चक्की, 31. दलियां निर्माण, 32, चांवल छिलका उतारने की छोटी इकाई, 33. ताड़ गुड़ निर्माण और अन्य ताड़ उत्पाद उद्योग, 34. गन्ना गुड़ और खांडसारी निर्माण, 35. भारतीय मिष्ठान निर्माण, 36. रसवंती गन्नारस खान-पान इकाई, 37. मधुमक्खी पालन, 38. अचार सहित फल और सब्जी का प्रशोधन परीक्षण एवं डिब्बाबंदी, 39. घानी तेल उद्योग, 40. सेन्थॉल तेल, 41. नारियल जटा के अलावा रेशा, 42. औषधीय कार्यो के लिये जड़ी-बूटीयों का संग्रहण 43. मक्का और रागी प्रशोधन, 44. मज्जा कार्य, मज्जा चटाईयां और हारों आदि का निर्माण, 45. काजू प्रशोधन, 46. पत्ते का दोना बनाना, 47. दुग्ध उत्पाद निर्माण इकाई 48. पशु चारा, मुर्गी चारा निर्माण।
49. शवच्छेदन चर्मशोधन तथा खाल व त्वचा से संबंधित अन्य सहायक उद्योग एवं कुटीर चर्म उद्योग, 50. कुटीर साबुन उद्योग, 51. रबड़ वस्तुओं का निर्माण (डिप्ड लेटेक्स उत्पाद), 52. रेग्जीन, पी.वी.सी. से बने उत्पाद, 53. हाथी दांत समेत सींग और हड्डी उत्पाद, 54. मोमबत्ती, कपूर, एवं मोहर वाली मोम का निर्माण, 55. प्लास्टिक की पैकेजिंग वस्तुओं का निर्माण, 56. बिंदी निर्माण 57. मेंहदी निर्माण, 58. इत्र निर्माण, 59. शैंपू निर्माण, 60. केश तेल निर्माण, 61. डिटर्जेट और धुलाई पावडर निर्माण (अविषाक्त)
62, बढ़ाई, 63. लोहारी, 64. एल्युमिनियम के घरेलु बर्तनों के उत्पाद, 65, गोबर और अन्य अपशिष्ट उत्पाद जैसे-मृत पशु के मांस और मल आदि से खाद और मियेन (गोबर) गैस का उत्पादन और उपयोग, 66. कागज पिन, क्लिप, सेफ्टी पिन, स्टोव पिन, आदि का निर्माण, 67. केंचुआ पालन, तथा कचरा निपटारा, 68, सजावटी बल्बों, बोतलो, ग्लासों आदि का निर्माण, 69, छाता उत्पादन, 70. सौर तथा पवन ऊर्जा उपकरण, 71. हस्तनिर्मित पीतल के बर्तनों का निर्माण, 72. हस्त निर्मित तांबें के बर्तनों का निर्माण, 73. हस्त निर्मित कांसे के बर्तनों का निर्माण, 74. पीतल, ताबें और कांसे से अन्य वस्तुओं का निर्माण, 75. रेडियो का निर्माण, 76, कैसेट प्लेयर का निर्माण, भले ही वह रेडियो में लगा हुआ हो या न लगा हुआ हो। 77. कैसेट रिकार्ड का निर्माण, भले ही वह रेडियो में लगा हुआ हो या न हो, 78 वोल्टेज स्टेबलाईजर का उत्पादन, 79. इलेक्ट्रॉनिक घडियों या अलार्म घड़ियों का निर्माण, 80. लकड़ी पर नक्काशी और कलात्मक फर्नीचर का निर्माण, 81 टीन कार्य, 82. मोटर बाईडिंग, 83.तार की जाली बनाना, 84. लोहे की झंझरी (ग्रील) निर्माण, 85, ग्रामीण यातायात वाहन जैसे- हाथ गाड़ी, बैल गाड़ी, छोटी नाव, दोपहिया साइकिल/साइकिल रिक्शा, मोटर युक्त गाड़ियों आदि का निर्माण, 86, संगीत साजों का निर्माण
87. पोली वस्त्र यानि ऐसा वस्त्र जो भारत में मानव निर्मित रेशे को रूई, रेशम या ऊन के साथ या इसमें से किसी दो या सभी को मिलाकर हाथ से काता गया तथा हाथकरघे पर बुना हो या भारत में बना ऐसा वस्त्र जो हाथकते मानव निर्मित रेशों के धागे को सूती, रेशम या ऊन धागे या इसमें से किसी दो धागे या सभी धागों को मिलाकर हाथकरघा पर बुना गया हो। 88. लोकवस्त्र का निर्माण, 89. होजियरी, 90 सिलाई और सिली-सिलाई पोशाक तैयार करना, 91. छींटाकारी 92. खिलौना और गुड़िया निर्माण, 93. धागे का गोला, ऊनी तथा लच्छी निर्माण, 94. कसीदाकारी, 95 शल्य चिकित्सीय पट्टी निर्माण, 96. स्टोव की बत्तियां, 97. दरी बुनाई, 9৪. बुनाई पारंपरिक पोशाकें, 99. शॉल बुनाई (97 से 99 तक केवल पूर्वोत्तर राज्य के लिये)
100. धुलाई, 101. नाई, 102. नलसाजी, 103. बिजली की वायरिंग और घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स की उपकरणों की मरम्मत, 104. डीजल इंजनों पंप सेटो आदि की मरम्मत, 105. टॉयर वर्कनीकरण (रिट्रेडिंग इकाई), 106. छिड़काव, कीटनाशक पंप सेटों आदि के लिये कृषि सेवा कार्य (निर्माण), 107 लॉऊड स्पीकर, ध्वनि प्रसारक-माइक, आदि ध्वनि प्रणालियों को किराये पर देना, 108. बैटरी भरना, 109. कला-फलक, चित्रकारी, 110. साइकिल मरम्मत की दुकान, 111. राजगीर, 112. बैंड मंडली, 113. संगीत वाद्य, 114. मोटर साइकिल मरम्मत, 115. ढाबा. (शराब रहित). 116. चाय की दुकान, 117. आयोडीन युक्त नमक। इसके अतिरिक्त अन्य उद्योग जो नकारात्मक की श्रेणी में नहीं आते हैं, मान्य है।