छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड का गठन, छत्तीसगढ़ राज्य में खादी तथा विभिन्न ग्रामोद्योगों के विकास के लिए छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना क्रमांक- 344/116/ग्रामोद्योग/2001, रायपुर दिनांक 20.07.2001 द्वारा किया गया। इस आदेश के तहत् मध्यप्रदेश राज्य में प्रवृत्त खादी तथा ग्रामोद्योग के सभी विधि एवं विधान छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंगीकृत किये गये तथा नवम्बर 2000 के प्रथम दिन से ही सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य पर लागू होना माना गया।
उद्देश्य
- बोर्ड का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का सृजन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है, साथ ही विक्रय योग्य वस्तुओं का निर्माण कर विकेन्द्रित अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देना व ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता की भावना को प्रोत्साहित कर, शोषण रहित एवं समता मूलक समाज की रचना का व्यापक उद्देश्य है।
- इस व्यापक उद्देश्य को निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता हैः- खादी तथा ग्रामोद्योग की स्थापना, विकास एवं संवर्धन में सहयोग एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना। खादी तथा ग्रामोद्योग की स्थापना हेतु उद्यमी को प्रोत्साहित करना। खादी तथा ग्रामोद्योग के लिए संयंत्र, मशीनें और उपकरणों का प्रदाय एवं कच्चे माल की आपूर्ति।
प्रमुख कार्य
प्रदेश में खादी तथा ग्रामोद्योग के सतत् विकास हेतु बोर्ड द्वारा निम्नानुसार कार्य संपादित किये जा रहे हैं:-
- खादी तथा ग्रामोद्योग के सेक्टर के कार्यों का नियोजन एवं उन्नयन करना।
- खादी तथा ग्रामोद्योग क्षेत्र की विक्रय योग्य वस्तुओं का उत्पादन एवं विक्रय करना।
- औजारों, उपकरणों एवं कच्चेमाल की व्यवस्था करना।
- खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में उन्नत तकनीक के उपयोग हेतु अनुसंधान को बढ़ावा देना। खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में तकनीकी प्रशिक्षण की व्यवस्था करना।
- खादी तथा ग्रामोद्योग के क्षेत्र में सहकारिता को बढ़ावा देना।
- खादी तथा ग्रामोद्योग के विकासात्मक कार्यों का क्रियान्वयन करना, जिसमें आर्थिक सहायता उपलब्ध कर व्यक्तियों, संस्थाओं को वितरित करना।